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DNA: 30 टॉमाहॉक मिसाइलों से ईरान धुआं-धुआं, तेहरान, कौम, करज, करमनशाह में तबाही। US-Israel Strike

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महायुद्ध का नामकरण... ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मतलब क्या है? Operation Epic Fury। US-Israel Iran Strike

अमेरिका, इजरायल और ईरान के घमासान में आज क्या क्या हुआ
DNA मित्रों..अब हम आपको उन खतरनाक हथियारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल आज, इस वर्ल्ड वॉर में किया गया।मित्रों...बारूदी हथियारों की इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं अमेरिका की टॉमाहॉक मिसाइल्स ।ईरान पर हमले की शुरुआत के लिए अमेरिकी मिलिट्री ने अपने सबसे भरोसेमंद और अचूक हथियार का इस्तेमाल किया था । सबसे पहले हम आपको इस युद्ध के पहले दिन टॉमाहॉक मिसाइल के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं ।
मित्रों...अमेरिकी सेना ने इस हमले की शुरुआत 30 टॉमाहॉक मिसाइलों से की थी। ये मिसाइलें सीरिया से दागी गई थीं और इन मिसाइलों का पहला टारगेट ईरान के परमाणु संयंत्र बने। टॉमाहॉक मिसाइलों से ईरान के तेहरान, कौम, करज, करमनशाह और इस्फाहान में स्थित परमाणु संयंत्रों पर हमला किया गया था। अमेरिकी दावे के मुताबिक सभी मिसाइलों ने अपने टारगेट को हिट किया था और हमले में ईरान के परमाणु संयंत्रों को बड़ा नुकसान पहंचा है । यानी टॉमाहॉक मिसाइलों ने उस मिशन को पूरा कर दिया जिसके लिए उन्हें तरकश से निकाला गया था ।
मित्रों...यहां आपको जानना चाहिए कि पिछले 36 सालों से अमेरिकी फौज ने हर सैन्य अभियान की शुरुआत टॉमाहॉक मिसाइलों को दागकर ही की है । इस मिसाइल को 1983 में तैयार किया गया था । वर्ष 1991 में जब इराक पर हमला किया गया था तो अमेरिकी नेवी ने सबसे पहले टॉमाहॉक मिसाइल ही दागी थीं । 1991 से लेकर 2024 तक अमेरिकी सेना ने कुल 10 सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया है और हर बार सबसे पहले टॉमाहॉक को ही दागा गया है । ये रिकॉर्ड इन मिसाइलों की अचूक क्षमता बताने के लिए काफी है । आज भी ईरान पर सबसे पहले टॉमाहॉक के हमले ने इस रिकॉर्ड को बरकरार रखा है । मित्रों...इस मिसाइल को घातक और अचूक क्यों माना जाता है । ये समझने के लिए आपको टॉमाहॉक की खासियतें बेहद गौर से देखनी चाहिए...मित्रों...टॉमाहॉक नाम की ये मिसाइल हवा में 920 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ती है और इस मिसाइल से 2500 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट को भी तबाह किया जा सकता है । ये मिसाइल जमीन की सतह से सिर्फ 30 मीटर ऊपर तक उड़ सकती है । इसी वजह से दुश्मन का राडार इस मिसाइल की लोकेशन पता नहीं कर पाता । इस मिसाइल को 450 किलोग्राम तक के विस्फोटक से लैस किया जा सकता है । टॉमाहॉक की सबसे बड़ी खासियत ये है कि हवा में उड़ान के दौरान ये अपनी दिशा भी बदल सकती है । यानी ये पहले से तय किए गए टारगेट की जगह किसी दूसरे टारगेट को भी बर्बाद कर सकती है । इस मिसाइल के फीचर्स काफी हद तक भारत की ब्रह्मोस मिसाइल जैसे ही हैं


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समाचार - News
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